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Saturday, June 6, 2020

कोरोना सकंट में स्कूलों को खोलने के पक्ष में नहीं हैं प्रिंसिपल, टीचर्स व पेरेंट्स, मीटिंग में जताई सहमति

कोरोना संकट के इस दौर में स्कूलों को दोबारा खोलने को लेकर दुविधा की स्थिति बनी हुई है। इस पर सहमति बनाने के लिए शनिवार शाम 4 बजे ऑन लाइन मीटिंग हुई, जिसमें जिला शिक्षा अधिकारी, प्राइवेट व गवर्नमेंट स्कूलों के प्रिंसिपल सहित पेरेंट्स ने हिस्सा लिया। इसमें कई स्टूडेंट्स भी शामिल हुए। बैठक में अधिकतर स्कूलों के प्रिंसिपलों ने स्कूलों को नहीं खोलने का सुझाव दिया। केवल आशा मिगलानी ने बोर्ड की क्लासों को जुलाई से शुरू करने का सुझाव दिया।


सभी ने गुड़गांव में बढ़ते कोरोना वायरस के केसों को देखकर स्कूलों को नहीं खोलने पर जोर दिया। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी कैप्टन इंदू बोकन ने भी सभी के विचार सुने। इस दौरान बैठक में शामिल सभी सदस्यों ने कहा कि बेशक यह अनलॉक फेस है, लेकिन स्टूडेंट्स में सोशल डिस्टेंस बनाना आसान नहीं होगा। केवल स्कूल ही नहीं बल्कि बसों में बैठने से लेकर अन्य तरह की परेशानियां भी खड़ी हो सकती है। जिला शिक्षा अधिकारी इंदू बोकन ने सभी स्कूल प्रिंसिपल, पेरेंट्स, हेड स्टूडेंट्स से सुझाव लिए। बैठक में 60 से अधिक टीचर्स, प्रिंसिपल, अधिकारी व पेरेंट्स ने हिस्सा लिया। एक घंटे से अधिक समय तक चली इस बैठक में स्कूलों के खोलने की बजाय नहीं खोलने पर अधिक जोर दिया गया। केवल दो-तीन प्राइवेट स्कूल प्रिंसिपल ने ही बोर्ड की 10वी व 12वीं की क्लासें शुरू करने का सुझाव दिया।

उनका सुझाव था कि दोनों क्लासों के स्टूडेंट्स को सोशल डिस्टेंस मेंटेन करते हुए 10-10 स्टूडेंट्स को एक कमरे में बैठने की व्यवस्था की जा सकती है। जबकि सभी क्लासें लगानी संभव नहीं हो सकती। भोंडसी गवर्नमेंट सीनियर सेकंड्री स्कूल के प्रिंसिपल श्याम राघव ने कहा कि अभी सबसे अधिक केस हरियाणा में केवल गुड़गांव में हैं। ऐसे में स्कूलों को खोलकर हम बच्चों से खिलवाड़ नहीं कर सकते। ऑनलाइन पढ़ाई चल रही है, उसी के आधार पर हम ऑनलाइन टेस्ट भी ले सकते हैं। अभी दो से तीन महीने तक स्कूल खोलने पर विचार करना खतरा हो सकता है।


एक क्लास रूम में 10 स्टूडेंट बैठाने का विकल्प| प्रिंसिपल आशा मिगलानी ने कहा कि बोर्ड क्लास को हम जुलाई महीने में खोलने पर विचार कर सकते हैं। एक क्लास रूम में 10 स्टूडेंट बैठा सकते हैं। बोर्ड की क्लास को बुलाकर हमें ट्रायल के रूप में शुरू करनी चाहिए। ऑनलाइन पढ़ाई तो हो रही है लेकिन इंटरनेट व अन्य कारण से परेशानियां आती हैं। ऑनलाइन पढ़ाई वैसे तो बेहतर चल रही है। वहीं आरती चोपड़ा ने भी कहा कि केवल बोर्ड की क्लासों को बुलाकर ट्रायल शुरू करना चाहिए।

पेरेंट्स बोले-अभी अपने बच्चों को नहीं भेज सकते स्कूल
वहीं पेरेंट्स ने कहा कि हम अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेज सकते। पेरेंट तृप्ति सिंह ने कहा कि अभी स्कूलों को खोलने में खतरा है। स्कूलों में यह नहीं पता कि कोरोना वायरस से कोई संक्रमित है और कौन नहीं।

सुझाव व विचार रिकॉर्ड कर लिए गए हैं, जिन्हें निदेशालय भेजा जाएगा

पाथवेज स्कूल की प्रिंसिपल अंजना ने कहा कि अभी स्कूल नहीं खोलने चाहिए। ऑनलाइन अच्छी पढ़ाई चल रही है। सीनियर क्लासेज को खोला जा सकता है। जुलाई तक ऑनलाइन ही पढ़ाई जारी रखनी चाहिए। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी इंदू बोकन ने कहा कि इस मीटिंग के सभी के सुझाव व विचार रिकॉर्ड कर लिए गए हैं, जिन्हें निदेशालय भेजा जाएगा। जुलाई में बोर्ड की क्लासें लगाई जाने की उम्मीद है। जबकि अन्य पर अभी निदेशालय के आदेश पर निर्भर करेगा।



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गुड़गांव. स्कूलाें काे खाेलने काे लेकर शनिवार काे हुई ऑनलाइन मीटिंग में हिस्सा लेते स्कूल प्रिंसिपल, पेरेंट्स व अधिकारी।


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