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Tuesday, June 16, 2020

हाई परफॉर्मेंस मैनेजर और स्पोर्ट्स एक्सपर्ट के साथ 8 राज्यों में बनाए जाएंगे एक्सीलेंस सेंटर, यहां तैयार होंगे वर्ल्ड चैम्पियन

खेल मंत्रालय ने 2021, 2024 और 2028 ओलिंपिक की तैयारी को ध्यान में रखते हुए तैयारियां शुरू कर दी हैं। पहले लेग में मंत्रालय ने 8 राज्यों में खेलो इंडिया के तहत स्टेट खेलो इंडिया सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (केआईएससीई) तैयार करने की अनुमति दे दी है। इसके तहत राज्यों के सबसे बेहतर सेंटर की पहचान कर उसको अपग्रेड किया जाएगा। केंद्रीय खेलमंत्री किरन रिजिजू ने कहा कि केआईएससीई का लक्ष्य ओलिंपिक के लिए देशभर से चैम्पियन तैयार करना है।

पहले लेग के 8 राज्यों में कर्नाटक, ओडिशा, केरल, तेलंगाना, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मिजोरम और नागालैंड शामिल है। इन खेल सेंटरों के सेलेक्शन की प्रोसेस पिछले साल के अक्टूबर से शुरू हो गई थी।

15 राज्यों ने केआईएससीई के लिए प्रस्ताव भेजे थे
केआईएससीई के लिए 15 राज्यों ने खेल मंत्रालय को प्रस्ताव भेजे थे। इनमें से 8 राज्यों के सेंटर को सुविधाओं और मौजूद ट्रेनिंग एक्यूपमेंट के आधार पर चयन किया गया।

हाई परफॉर्मेंस मैनेजर और स्पोर्ट्स एक्सपर्ट होंगे
जिन सेंटर को केआईएससीई में अपग्रेड किया जा रहा है, वहां केंद्र सरकार हाई परफॉरर्मेंस मैनेजर, स्पोर्ट्स साइंस एक्सपर्ट और कोच की नियुक्ति करेगी। इन सभी सेंटर पर ट्रेनिंग के लिए मॉडर्न एक्यूपमेंट और जरूरी फैसिलिटीज उपलब्ध कराई जाएंगी।

पहले लेग में इन 8 राज्यों के सेंटर अपग्रेड होंगे

राज्य शहर सेंटर
अरुणाचल प्रदेश ईटानगर संगी लाहेन खेल अकादमी
कर्नाटक बेंगलुरु जयप्रकाश नारायण नेशलन यूथ सेंटर
केरल तिरुवनंतपुरम जीवी राजा सीनियर सेकेंडरी स्पोर्ट्स स्कूल
मणिपुर इंफाल खुमान दीपक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स
मिजोरम आइजोल राजीव गांधी स्टेडियम
नागालैंड कोहिमा स्टेट स्पोर्ट्स अकादमी, आईजी स्टेडियम
उड़ीसा भुवनेश्वर कलिंगा स्टेडियम
तेलंगाना हकीमपेट रीजनल स्पोर्ट्स स्कूल

राज्यों के अनुरोध पर तीन ओलिंपिक खेलों किया गया है शामिल

खेल मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक वन स्टेट वन गेम्स के तहत सिर्फ एक खेल को बढ़ावा देने का फैसला किया गया था। राज्यों को खेल अलॉट भी कर दिए गए थे, लेकिन कई राज्यों ने कहा था कि उनके राज्य में एक से ज्यादा खेलों को पसंद किया जाता है। इस कारण खेलो इंडिया स्कीम के तहत राज्य सरकार के बेस्ट सेंटर को अपग्रेड कर केआईएससीई में बदला जा रहा है। ताकि दूसरे खेलों को भी बढ़ावा मिल सके।

केआईएससीई का मैनेजमेंट राज्य सरकार ही करेगी
केआईएससीई का मैनजमेंट राज्य सरकार ही करेगी। साथ ही केंद्र सरकार जिन ओलिंपिक खेलों को सपोर्ट कर रही है, उन खेलों के टैलेंट को तलाशने की जिम्मेदारी भी राज्य की ही होगी। जबकि कोच, सपोर्ट स्टाफ और खेल एक्यूपमेंट और बुनियादी सुविधाएं खेलो इंडिया स्कीम के तहत दी जाएंगी। वहीं खिलाड़ियों के परफॉरर्मेंस, सुविधाओं और ट्रेनिंग पर नजर रखने के लिए स्पोर्टस ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (साई) एक स्पेशल टीम तैनात करेगी।



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फोटो इसी साल जनवरी की है। खेल मंत्री किरण रिजिजू और उड़ीसा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने भुवनेश्वर में पहले खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स का उद्घाटन किया था।


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