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Thursday, June 4, 2020

दिल्ली-एनसीआर में 84 फीसदी लोग नहीं जानते एक्यूआई, 92 फीसदी को नहीं पता पीएम 10 और पीएम 2.5 में फर्क

पूरी दुनिया बढ़ते प्रदूषण के कारण चिंतित है। दिल्ली-एनसीआर के लोग भी प्रदूषण की वजह से परेशान होते हैं। मगर इन इलाकों में रहने वाले 84 फीसदी लोगों को प्रदूषण मापने वाले एयर क्वालिटी इंडेक्स के बारे में नहीं पता। 92 फीसदी पीएम 10 और पीएम 2.5 के बारे में नहीं जानते। कोरोना महामारी के समय में विशेषज्ञ प्रदूषण को बढ़ खतरा मानते हैं। उनका कहना है कि प्रदूषण पर नियमंत्रण नहीं रखा गया तो हालात और ज्यादा खराब होंगे। कोरोना का संक्रमण सांस के मरीजों में तेजी से होता है।

दिल्ली-एनसीआर के लोगों को बढ़ते प्रदूषण के प्रति जागरूक करने के लिए लंग्स केयर फाउंडेशन और अमेरिकन एंबेसी के प्रोजेक्ट साफ, हवा और नागरिक (एसएचएएन) ने बीड़ा उठाया हुआ है। इसी जागरूकता कार्यक्रम के तहत एसएचएएन ने फरवरी के महीने में दिल्ली एनसीआर के 1757 लोगों पर बढ़ते प्रदूषण के संबंध में सर्वे किया। इसमें सबसे ज्यादा दिल्ली के 1158 लोग थे। नोएडा, गाजियाबाद और गुड़गांव में 150-150 और फरीदाबाद में 149 लोगों को शामिल किया। सर्वे के लिए 57 सवाल तैयार किए गए थे, जोकि एसएचएएन के वॉलंटियर्स ने लोगों से पूछे।

सर्वे में लोअर और मिडिल क्लास लोगों को शामिल किया गया। इनकी उम्र 20 से 50 साल के बीच थी। सर्वे में 1208 पुरुष और 549 महिलाएं शामिल हुईं। कभी स्कूल नहीं जाने वालों से लेकर पोस्ट ग्रेजुएट तक ने इसमें हिस्सा लिया। सर्वे के मुताबिक 83.6 फीसदी लोगों को प्रदूषण मापने वाले एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) के बारे में नहीं पता। 92.2 फीसदी लोग पीएम 10 और पीएम 2.5 बीच फर्क नहीं समझते। 42.6 फीसदी लोगों का कहना है कि एयर क्वालिटी खराब हो रही है। 27.9 फीसदी का कहना है कि इसमें सुधार हो रहा है।
सर्वे में शामिल 82.2 का मानना है कि प्रदूषण का असर उनके स्वास्थ्य पर पड़ता है। 76.5 फीसदी मानते हैं कि इसका असर लंग्स पर होता है। 57.3 फीसदी आंख, 18.7 स्किन, 14.7 हार्ट, 9.2 ब्रेन, 7.1 किडनी और 7.6 फीसदी को इसके बारे में कोई जानकारी नहीं थी।

  • इस वक्त कोरोना ने दुनिया को परेशान कर रखा है। मगर यदि बढ़ते प्रदूषण पर लगाम नहीं लगाई गई तो कोरोना के मरीजों की तादाद आने वाले समय में और बढ़ेगी। इतना ही नहीं लोगों की मौत भी बढ़ेंगी। ऐसे में जरूरी है कि लोग प्रदूषण के प्रति जागरूक रहें और एयर क्वालिटी ठीक रखने में अपना योगदान दें।' -डॉ अरविंद कुमार, चेयरमैन, लंग्स केयर फाउंडेशन


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84 percent people in Delhi-NCR do not know AQI, 92 percent do not know the difference between PM 10 and PM 2.5


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