'गुलाबो सिताबो' की डिजिटल रिलीज पर मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन ने दी प्रतिक्रिया, बोले- सिनेमाघर में भांगड़ा वाली शादी और ओटीटी में कोर्ट मैरिज जैसी है फिल्में - Latest news

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Thursday, May 14, 2020

'गुलाबो सिताबो' की डिजिटल रिलीज पर मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन ने दी प्रतिक्रिया, बोले- सिनेमाघर में भांगड़ा वाली शादी और ओटीटी में कोर्ट मैरिज जैसी है फिल्में

सिनेमाघरों के बंद होने से कई फिल्मों की रिलीज डेट टाल दी गई हैं तो वहीं कुछ फिल्मों को ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज किया जा रहा है। इसी बीच खबर है कि अमिताभ बच्चन और आयुष्मान खुराना स्टारर फिल्म 'गुलाबो सिताबो' को अमेजन एप्प पर रिलीज किया जा रहा है। इस खबर के सामने आते ही मल्टीप्लेक्ट एसोसिएश ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।

अधिकारियों का कहना है, ‘यकीनन इस स्थिति में मल्टीप्लेक्स और सिंगल स्क्रीन वालों को प्रोड्यूसर्स से मदद की दरकार है मगर 'गुलाबो सिताबो' की डिजिटल रिलीज का मामला अलग है। यह मुश्किल की घड़ी है और इसमें हम लोग सिर्फ किसी एक ऑप्शन पर डिपेंड होकर नहीं रह सकते। अगर किसी प्रोड्यूसर की ताकत नहीं है अपनी फिल्म को होल्ड करने तो उसका कुछ नहीं किया जा सकता है।

गुलाबो सिताबो फिल्म को नहीं पायरेसी का डर

गुलाबो सिताबो वैसे भी एक ऐसे सेगमेंट की फिल्म है जिसको पायरेसी का डर नहीं है। वह '102 नॉट आउट' जैसे जॉनर की फिल्म है। अगर फिल्म बाद में भी सिनेमाघरों पर रिलीज की गई तो अच्छा प्रदर्शन करेगी। ऐसी स्थिति में हम लोग कम रेवेन्यू की शर्तों पर डील करेंगे।

करण जौहर नहीं लेंगे डिजिटल रिलीज का सहारा

यह भी फैक्ट है कि अगर 'गुलाबो सिताबो' ने सिनेमाघर से पहले डिजिटल पर ही रिलीज करने का ट्रेंड शुरू किया है कि यह न्यू नॉर्मल ट्रेंड नहीं बनने वाला है। करण जौहर से लेकर बाकी प्रोडक्शन हाउस ने आश्वस्त किया है कि उनकी फिल्में सिनेमाघरों में ही पहले रिलीज होंगी । उन्होंने भी कहा कि हर एक की आर्थिक क्षमता अलग होती है।

कोर्ट मैरिज जैसी है फिल्मों की डिजिटल रिलीज

ओटीटी पर फिल्मों का आना एक तरह से कोर्ट मैरिज जैसा है। थिएटर पर किसी फिल्म का रिलीज होना भांगड़ा शादी वाला है। अब यह लोगों की पसंद पर निर्भर करता है कि ओटीटी पर लाकर उन्हें रजिस्टर मैरिज करना है या थिएटर में लाकर भांगड़ा वाला शादी करना है। कोई भी बाप नहीं चाहता है कि उसकी बेटी की शादी कोर्ट में हो। तो आगे भी प्रोड्यूसर रिलीज के मामले में प्राथमिकता थिएटरों को ही देंगे।

300 करोड़ कमाने के लिए प्रोड्यूसर को आना पड़ेगा

अमेरिका में ओटीटी प्लेटफॉर्म बरसों से लेकिन वहां आज भी 30000 सिनेमा स्क्रीन चल रहे हैं ना। ऐसे ही इंडिया में होगा। बड़े बजट की फिल्में अगर ढाई सौ- 300 करोड़ से ऊपर कमाना चाहती हैं तो वह बगैर थीएट्रिकल रिलीज के संभव नहीं। ऐसे में प्रोडूसर को आना ही होगा।

आयुष्मान ने दी है 'गुरूदक्षिणा'

ट्रेड पंडितों के सर्किट में यह खबर है कि आयुष्मान खुराना ने इस फिल्म को डिजिटल पर रिलीज में अपनी सहमति दी है। इस तरह उन्होंने शूजीत सरकार और रॉनी लाहिरी को अपनी गुरु दक्षिणा दी है। उन दोनों ने ही आयुष्मान खुराना को ‘विकी डोनर’ से लांच किया था और स्टार बनाया था। ऐसे में जब इस फिल्म को डिजिटल पर रिलीज करने का मुद्दा आयुष्मान के साथ उठाया गया तो आयुष्मान ना नहीं कर सके।

सैफ अली और सुशांत ने साइन किया कॉन्ट्रेक्ट

हर स्टार चाहता है कि उसकी फिल्म पहले सिनेमाघर पर ही रिलीज हो। पिछले साल सुशांत सिंह राजपूत और सैफ अली खान ने तो बाकायदा कॉन्ट्रैक्ट तक करना शुरू किया था कि उनकी फिल्म पहले सिनेमाघर में रिलीज हो उसके बाद ही ओटीटी पर आए ताकि उनका स्टारडम कायम रहे। अब मगर हालात दूसरे हैं। लॉकडाउन के चलते स्टार्स भी प्रोड्यूसर्स का साथ दे रहे हैं। ताकि फिल्म निर्माण की प्रक्रिया चलती रहे।



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The multiplex association responded to the digital release of 'Gulabo Sitabo', saying - movies in theater are like Bhangra and in ott its like court marriage


source https://www.bhaskar.com/entertainment/bollywood/news/the-multiplex-association-responded-to-the-digital-release-of-gulabo-sitabo-saying-movies-in-theater-are-like-bhangra-and-in-ott-its-like-court-marriage-127300700.html

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