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Sunday, May 3, 2020

बुजुर्गों में कम नहीं है कोरोना से लड़ने का जज्बा, 74 वर्ष के खंडेलवाल कराते हंै लोगों को रोजाना व्यायाम, अब तक 60 हजार से अधिक पौधे लगा चुके हैं

कोरोना संक्रमण का मुकाबला कर उसे हराने के लिए जहां देश के युवा आगे आ रहे है, वहीं 74 वर्षीय पर्यावरण प्रेमी पुरुषोत्तम लाल खंडेलवाल का भी जोश युवाओं से कम नहीं दिखाई देता। लॉकडाउन के चलते जहां लोगों के घरों से न निकलने के चलते पौधे सूखने लगे, पक्षी भूख व प्यास से व्याकुल रहने लगे, वहीं खंडेलवाल ने अपने घर के निकट स्थित पार्क में सूखते पौधों को बचाया ही नहीं बल्कि पक्षियों के दाने-पानी का भी इंतजाम किया और पार्क में आने वाले बुजुर्गों को सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करते हुए रोजाना व्यायाम कराना भी जारी किया हुआ है। उनका कहना है कि वह पिछले 26 वर्ष में 60 हजार से अधिक पौधे सड़कों, पार्कों, सार्वजनिक स्थलों पर लगाने के अलावा मुफ्त में बीज वितरित कर चुके हैं।
रविवार को खंडेलवाल का 74वां जन्म दिन था, जिसके उपलक्ष्य में जहां उन्होंने पार्क में गुलाब के पौधे लगाए वहीं, कोरोना पीएम रिलीफ फंड में 5100 रुपए व हरियाणा कोरोना सीएम रिलीफ फंड में 5100 रुपए के दो चेक पलवल के विधायक दीपक मंगला को सौंपे।

खंडेलवाल ने अपनी वाटिका में औषधियों के 150 से अधिक पौधे लगाए, पार्क में भी नियमित देते हैं पानी

पुरुषोत्तम ने बताया कि उनकी 500 वर्गगज के प्लाट में बनी वाटिका में करीब 150 किस्म के पौधे हैं। इनमें ज्यादातर औषधि और फलों के पेड़ व पौधे हैं। जिनमें मुख्य रूप से श्यामा तुलसी, देशी तुलसी, हरश्रंृगार, बेलपत्र, आंवला, छोटी इलायची, सफेद मूसली, सतावर, अश्वगंधा, पियावांसा, पिलखन, अनार व छोकर सहित 150 किस्म के पौधे हैं।

पक्षियों को प्यासा व पौधों को सूखता देख नहीं रुके घर में | लॉकडाउन शुरू होते ही सर्व प्रथम 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों को घरों में रहने की सलाह दी गई थी, जिसके चलते खंडेलवाल ने अपने आपको अपने द्वारा घर के निकट ही 500 गज के प्लाट में बनाई गई श्रीहरश्रंगार वाटिका तक सीमित कर लिया। खंडेलवाल ने बताया कि जब वे शाम होने पर अपने घर की छत पर जाते तो घर के पास बने पार्क में सूखते पौधे और भूख व प्यास से व्याकुल पक्षियों को देखकर मन दुखी हो जाता था। जिसके बाद वे अपने आपको घर में नहीं रोक पाए और पार्क में जाकर पेड़-पौधों में पानी देना व पक्षियों को दाना डालना शुरू कर दिया।



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The spirit of fighting the corona is not low among the elderly, Khandelwal, 74 years old, makes people exercise every day, so far, he has planted more than 60 thousand plants.


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