कोरोना संदिग्ध को 50 से अधिक दूसरे मरीजों के साथ भर्ती किया, रिपोर्ट पॉजिटिव आई - Latest news

Breaking

top ten news in hindi hindi mein news flash news in hindi aaj ka news hindi newsbihar

Breaking News

Tuesday, May 26, 2020

कोरोना संदिग्ध को 50 से अधिक दूसरे मरीजों के साथ भर्ती किया, रिपोर्ट पॉजिटिव आई

उत्तरी दिल्ली नगर निगम के सबसे बड़े हिंदूराव अस्पताल में एक बार फिर लापरवाही का मामला सामने आया है। अस्पताल में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइड लाइन का फॉलो नहीं किया जा रहा है। जिसके कारण कोरोना संदिग्धों का जनरल वार्ड मे भर्ती किए जा रहे है। कोरोना संदिग्ध का ऐसा ही एक और मामला सामने आया है। अस्पताल प्रशासन ने कोरोना के संदिग्ध मरीज को जनरल वार्ड में भर्ती कर दिया गया। जब मरीज की रिपोर्ट आई तो कोरोना पॉजिटिव पाया गया। अस्पताल प्रशासन ने आनन-फानन में मरीज को लोक नायक जय प्रकाश नारायण भेज दिया। जबकि अस्पताल में पहले से ही कोरोना वार्ड बना हुआ है। इससे वार्ड में भर्ती करीब 50 से 60 मरीजों को कोरोना होने का खतरा बढ़ गया है।

वार्ड में मरीजों में दहशत का माहौल

जानकारी के मुताबिक दो अस्पताल में दिन पहले शास्त्री नगर इलाके से बुखार से पीडित मरीज आया था। डॉक्टरों ने उसका चैकअप करने के बाद उसे जनरल वार्ड नंबर 13 में भर्ती कर दिया। मरीज का कोरोना का टैस्ट कराया गया। मंगलवार को उसकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव पाई गई। वार्ड नंबर 13 एक बडा वार्ड है जिसमें करीब 50 से 60 मरीज भर्ती रहते है। ऐसे में सभी मरीजों को कोरोना होने की संभावना बन गई है। इसके कारण वार्ड में भर्ती मरीजों में दहशत का माहौल है।

मरीजों का कहना है कि अस्पताल प्रशासन को सभी का कोरोना टैस्ट कराना चाहिए। किसी को कोरोना हो गया तो इसका जिम्मेदार कौन होगा। बता दें अस्पताल में पहले से कोरोना वार्ड बनाया हुआ है। वार्ड के लिए डॉक्टर, नर्सिंग स्टॉफ व अन्य कर्मचारी उपलब्ध है। इसके बावजूद कोरोना संदिग्ध मरीजों को कोरोना वार्ड में क्यों नहीं रखा जाता है।

पहले भी संदिग्ध किया था सामान्य वार्ड मे भर्ती

ज्ञात हो कि इससे पहले भी 23 अप्रैल को भी अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के कारण एक कोरोना संदिग्ध को जनरल वार्ड-14 मे भर्ती कर दिया गया था। जबकि गाइड लाइन के मुताबिक किसी भी कोरोना संदिग्ध को अन्य मरीजों से अलग रखना चाहिए। जबकि अस्पताल में पहले से ही दो आइसोलेशन वार्ड बनाए हुए है। लेकिन दो दिन बाद 25 अप्रैल को उसकी मौत हो गई। मरीज के रिश्तेदारों का कहना था कि मरीज को तेज बुखार और खांसी थी। उसका कोरोना टैस्ट कराया गया था, जिसकी रिपोर्ट आनी थी।

नरेला के स्वतंत्र नगर में बना कंटेंनमेंट जोन
नरेला के स्वतंत्र नगर में कोरोना के 6 मामले मिलने के बाद मंगलवार को एरिया को कंटेंनमेंट जोन बना कर सील कर दिया गया है। नॉर्थ जिला उपायुक्त ने आदेश कर कंटेंनमेंट जोन बनने के बाद नियमों का उल्लंघन करने पर डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के तहत कार्रवाई करने को कहा है। वहीं, उपायुक्त ने नगर निगम के जोनल कमिश्नर, आउटर-नार्थ दिल्ली डीसीपी, नार्थ जिला सीडीएमओ और एरिया के एसडीएम को प्रोटोकॉल के अनुसार कार्य करने के निर्देश दिए है।

^हमारे पास आइसोलेशन वार्ड है ना कि कोरोना वार्ड। कोई भी संदिग्ध मरीज आता है तो उसे आपातकालीन या फिर सामान्य वार्ड में रखा जाता है। कोरोना संदिग्ध होने पर उसे आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट कर देते हैं और कोरोना टेस्ट के लिए भेज दिया जाता है। रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर उसे कोविड अस्पताल भेज दिया जाता है, रिपोर्ट निगेटिव आने पर या तो छुट्टी दे दी जाती है या फिर उसे सामान्य वार्ड में शिफ्ट कर दिया जाता है।
-इरा सिंगला, नार्थ एमसीडी सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की निदेशक



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Corona suspect admitted with more than 50 other patients, report positive


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2TJbqLd
via IFTTT

No comments:

Post a Comment