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Tuesday, May 5, 2020

जनता की जेब से सालाना 165 करोड़ रुपए निकलेंगे, इससे महंगाई बढ़ेगी, डीजल-पेट्रोल में वैट की अधिकतम सीमा 30% पर पहुंच गई

(अखिलेश कुमार)टैक्स फ्री बजट का दावा करने वाली दिल्ली सरकार ने कोरोना महामारी के दौर में पैसे जुटाने के लिए पेट्रोल-डीजल पर अधिकतम 30% वैट लगा दिया है। कानून में पेट्रोल पदार्थ पर इससे अधिक वैट नहीं लगाया जा सकता है। दिल्ली में अब पेट्रोल पर 27% से बढ़ाकर 30% और डीजल पर 16.75% से बढ़ाकर 30% वैट कर दिया है। इससे सरकार के खजाने में पेट्रोल से प्रति लीटर 1.67 रुपए और डीजल पर 7.10 रुपए ज्यादा मिलेंगे। अभी तक पेट्रोल और डीजल दिल्ली में नोएडा, गाजियाबाद, गुड़गांव व फरीदाबाद के मुकाबले सस्ता था जो अब पेट्रोल में करीब-करीब बराबर और डीजल दिल्ली में 6.07 रुपए से 6.61 रुपए तक महंगा हो गया है।

इसका सीधा असर डीजल कार मालिकों, डीजल से इंटरस्टेट चलने वाली बस, टूरिस्ट टैक्सी, लंबी दूरी तक चलने वाले माल वाहनों पर पड़ेगा। ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने राहत पैकेज की बजाय महंगे डीजल की मार और पेट्रोल पम्प डीलर्स ने बिक्री घटने से आर्थिक संकट की आशंका जताई है। दिल्ली पेट्रोल पम्प डीलर्स एसोसिएशन के निषित गोयल और राजीव जैन कहना है कि यूपी हमसे दो रुपए सस्ता था तो वहां से पेट्रोल भरवाने लोग यहां आ जाते थे, डीजल भी दिल्ली में सस्ता था। अब पेट्रोल करीब-करीब नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और गुड़गांव से बराबर हो गया है। अंदर है भी तो 70 पैसे से कम जिससे ग्राहक यहां नहीं आएगा। डीजल हरियाणा व यूपी में 6 रुपए से 6.61 रुपए तक सस्ता हो गया है तो दिल्ली वाले भी वहीं जाकर डलवाएंगे।

इससे हमारा कमीशन और सरकार का राजस्व घटेगा। पेट्रोल पम्प संचालकों का कहना है कि 2015 में जब डीजल पर वैट बढ़ा था तब भी 14 करोड़ लीटर से बिक्री घटकर 10.15 करोड़ लीटर रह गया। लॉकडाउन में घटा और अब फिर इतना बड़ा इजाफा किया गया है। उधर, स्वास्थ्य व गृह मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि कोरोना महामारी को लेकर पहले ही बहुत खर्च हो चुका है। कर्मचारियों को वेतन देना मुश्किल हो गया है। जैन ने कहा कि पिछले महीने जो टैक्स का कलेक्शन आया है, वह मात्र 10 प्रतिशत है, जो बिल्कुल न के बराबर है। ऐसे में इस तरह के फैसले लेने पड़ते हैं। जैन ने कहा कि जो शराब के शौकीन हैं और जिन्हें पीना है। वह अतिरिक्त राशि देकर शराब खरीद सकते हैं। शराब पर 70 प्रतिशत टैक्स बढ़ाना कोई गलत नहीं होगा।

पेट्रोल पम्प एसोसिएशन का आंकलन: दाम बढ़ाने से पेट्रोल-डीजल की बिक्री घटेगी

पेट्रोल पम्प एसोसिएशन के एक्सपर्ट्स का आंकलन है कि पेट्रोल और डीजल की बिक्री घटेगी। फिर भी मासिक करीब 7 करोड़ लीटर पेट्रोल और 3.50 करोड़ लीटर डीजल की बिक्री होगी। लॉकडाउन की वजह से मार्च में 6.89 करोड़ लीटर(डीजल4.47 करोड़ लीटर) व अप्रैल में महज 1.78 करोड़ लीटर(1.21 करोड़ लीटर डीजल) पेट्रोल की बिक्री हुई है। अगले महीने से होने वाली बिक्री के आंकलन पर जनता की जेब से मासिक 36.55 करोड़ रुपए व सालाना करीब 165 करोड़ रुपए अतिरिक्त निकलेंगे। पेट्रोल 71.26 रुपए लीटर और डीजल 69.39 रुपए लीटर खरीदना होगा। पेट्रोल पम्प डीलर्स और ट्रांसपोर्ट संगठन का कहना है कि डीजल की कीमत में एकसाथ 7.10 रुपए का इजाफा इतिहास में पहली बार हुआ है।
इधर, सोशल डिस्टेंस के साथ शुरू किया विरोध

वैट बढ़ाए जाने से बढ़े पेट्रोल-डीजल के दामों को लेकर पश्चिम विहार में लोगों ने दिल्ली सरकार के खिलाफ सोशल डिस्टेंसिंग को मेंटेन करने हुए मौन प्रदर्शन किया। रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन ने लोकेश मुंझाल के नेतृत्व में प्रदर्शन में भाग लिया।

आखिर कैसे बढ़ते गए तेल के दाम...आप सरकार का जीरो टैक्स बजट, लेिकन डीजल पर 5 साल में 12.5 से 30 प्रतिशत पहुंचा वैट

दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार फरवरी, 2015 में आई और उस समय डीजल पर वैट 12.5 फीसदी था, जिसे सरकार जुलाई, 2016 में बढ़ाकर 16.6% और 9 अप्रैल, 2016 में 16.75% किया। उसके बाद 4 साल बाद वृद्धि करके अब 30% कर दिया है। यानी प्रतिशत में देखें तो करी ढाई गुना वृद्धि पांच साल में दिल्ली सरकार ने डीजल पर वैट में की है। रुपए की की बात करें तो 18 जून, 2015 में एक लीटर डीजल पर 5.65 रुपए वैट लगता था जो अब बढ़कर 16.26 रुपए पहुंच गया है। वहीं पेट्रोल की बात करें तो 16 जून, 2015 में 20% वैट था जो अब बढ़कर 30% हो गया है। यानी पेट्रोल पर वैट डेढ़ गुना हुआ है। इसमें पैसे की बात करें तो उस समय 11.15 रुपए सरकार प्रति लीटर वैट वसूल रही थी जो अब 16.44 रुपए हो गया है।
मनोज तिवारी बोले-तेल के दामों में वृद्धि का असर कोरोना वॉरियर्स की जेबों पर पड़ेगा

पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाने का भाजपा ने कड़ा विरोध किया है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने मूल्यवृद्धि वापिस लेने की मांग करते हुए कहा कि इसका असर कोरोना वॉरियर्स की जेबों पर भी पड़ेगा। नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि इस फैसले के कारण कोरोना संकट के समय में किसान, निम्न वर्ग, मध्यम वर्ग व ट्रांसपोर्टरों को आर्थिक संकट की दोहरी मार झेलनी पड़ेगी। यह फैसला जनविरोधी है और बढ़ोतरी तुरंत वापस ली जानी चाहिए। वहीं, सांसद प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी जनता को गुमराह करने के लिए पूरी दिल्ली में सुविधाएं मुफ्त देने का प्रचार कर रही थी। अब पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाकर ज्यादा टैक्स वसूल रही है।

माकन बोले-कांग्रेस के शासनकाल में पेट्रोल पर 20 प्रतिशत वैट की सीमा फिक्स की थी

पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय माकन ने कहा कि दिल्ली में कांग्रेस के शासनकाल में पेट्रोल पदार्थ पर अधिक 20% वैट की सीमा फिक्स की थी। इसमें आम आदमी पार्टी सरकार ने 2015 में बदलाव करके 30% की सीमा की और अब 30% पर ये टैक्स लाकर खड़ा कर दिया। ये कानून बदलने के लिए जब अरविंद केजरीवाल विधेयक रोकने की बात कर रहे थे, उस समय उपराज्यपाल ने बहुत जल्दी मंजूरी दे दी थी।
^दिल्ली गुड्स ट्रांसपोर्ट आर्गेनाइजेशन के चेयरमैन राजेंद्र कपूर ने कहा कि डीजल पर वैट में की गई वृद्धि तुरंत वापसी लेना चाहिए। इतनी बड़ी वृद्धि से रोजमर्रा की जरूरी चीजों के दाम बढ़ेंगे। आम लोगों पर सीधा प्रभाव पड़ेगा।

^ट्रांसपोर्टर्स के साथ इससे बड़ा धोखा कोई नहीं हो सकता। अरविंद केजरीवाल सरकार ने बिजली, पानी, महिलाओं की बस यात्रा फ्री की या तीर्थ यात्रा कराया इसमें ट्रांसपोर्टर्स को कोई फायदा नहीं हुआ। उस खर्च की भरपाई पेट्रोल-डीजल पर वैट लगाकर कर रही है। दूसरे राज्यों में जाने वाली बसें डीजल से चलती हैं जो एक बार में 260-480 लीटर तक डीजल डलवाते हैं, वो दिल्ली की बजाय लोग बाहर से भरवाएंगे। संकट की घड़ी में सरकार को ट्रांसपोर्टर्स के लिए राहत पैकेज देना चाहिए, डीजल पर बढ़ा वैट वापस किया जाए। सीएम को पत्र लिख रहे हैं।
- हरीश सब्बरवाल, महासचिव-दिल्ली कांट्रैक्ट कैरिज बस एसोसिएशन
क्सपर्ट कमेंट

आर्थिक तंगी में सरकार ने अच्छा कदम उठाया, सरकार को अभी पैसों की जरूरत है

^दिल्ली में पैसेंजर वाहन, लोकल गुड्स व्हीकल भी सीएनजी से चलता है। माल वाहन चालक पहले भी 80-90% बाहर से डीजल भरवाते हैं। बड़ा असर नहीं पड़ेगा। प्राइवेट एसयूबी डीजल से चलते हैं, वो महंगा पेट्रोल खरीदने में सक्षम हैं। आर्थिक तंगी में सरकार ने अच्छा कदम उठाया है। पैसे की जरूरत तो सरकार को है।
- इंडियन फाउंडेशन ऑफ ट्रांसपोर्ट रिसर्च एंड ट्रेनिंग(आईएफटीआरटी) के सीनियर फेलो एसपी सिंह



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वैट बढ़ाए जाने से बढ़े पेट्रोल-डीजल के दामों को लेकर पश्चिम विहार में लोगों ने दिल्ली सरकार के खिलाफ सोशल डिस्टेंसिंग को मेंटेन करने हुए मौन प्रदर्शन किया।


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