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Sunday, April 19, 2020

कोरोना संक्रमण के डर से चीन में टैक्सी का इस्तेमाल 85% घटा, निजी कार अब पहली प्राथमिकता; सरकार क्लीन एनर्जी कारों पर 1% सब्सिडी दे रही

(यिदान लिन)चीन में लॉकडाउन में ढील के बाद लोग घरों से निकलना शुरू कर चुके हैं। बाजार और मॉल्स में लोग जुटने लगे हैं। व्यापार भी पटरी पर आ रहा है। लेकिन चीन की ऑनलाइन टैक्सी बुकिंग सेवाओं की कोरोना संक्रमण ने कमर तोड़ दी है। चीन की ट्रांसपोर्ट मिनिस्ट्री की रिपोर्ट के अनुसार मार्च में ऑनलाइन टैक्सी बुकिंग में 85% की कमी आई है। चीन की सबसे बड़ी ऑनलाइन टैक्सी सर्विस कंपनी दीदी चुकसिंग इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हुई है। दरअसल, संक्रमण के डर से लोग आने-जाने के लिए अपनी कारों का ही इस्तेमाल करना पसंद कर रहे हैं।

सरकार क्लीन एनर्जी कारों की खरीद पर सब्सिडी दे रही

इधर, क्लीन एनर्जी कारों की बिक्री को प्रोत्साहन देने की सरकार की नीति ने भी टैक्सी कंपनियों के लिए चुनौतियां बढ़ा दी हैं। सरकार क्लीन एनर्जी कारों की खरीद पर सब्सिडी दे रही है। औसतन हर कार की खरीद पर खरीदार को एक हजार युवान यानी करीब 10 हजार रुपए की सब्सिडी मिल रही है। यह कार की कीमत का करीब 1% हिस्सा है।

टैक्सियों का इस्तेमाल लगभग खत्म

चीन के नेशनल इनफॉर्मेशन सेंटर और गावडे मैप की जनवरी-मार्च 2020 तिमाही के आंकड़ों के अनुसार चीन के 60% शहरों में यातायात का स्तर संक्रमण से पहले की तुलना में 80% के स्तर से कम है। सड़कों पर 89% लोगों को ट्रैफिक जाम नहीं मिल रहा है। यहां तक कि बीजिंग और शंघाई में भी आवाजाही के पीक टाइम पर सड़कें लगभग खाली हैं। इसका प्रमुख कारण भी टैक्सियों का इस्तेमाल लगभग खत्म हो जाना है। चीन में 93% ऑनलाइन टैक्सी बुकिंग पर दीदी चुकसिंग कंपनी का कब्जा था।

ड्राइवरों की औसत कमाई 50 से 75% तक गिर गई
कंपनी 2022 तक हर महीने अपने एक्टिव यूजर्स की संख्या 80 करोड़ तक ले जाना चाहती थी, लेकिन अब यह मुश्किल लग रहा है, क्योंकि कोरोना के कारण टैक्सी बुकिंग बहुत घट गई है। कंपनी ने अपने ड्राइवरों को सब्सिडी देना भी बंद कर दिया। विशेषज्ञों के अनुसार इससे ड्राइवरों की औसत कमाई 50 से 75% तक गिर गई।

कमाई कम हो जाने से कई ड्राइवरों ने यह काम छोड़ा

दीदी के एक ड्राइवर ने बताया कि जो गिनेचुने लोग ऑनलाइन टैक्सी सर्विस का इस्तेमाल कर रहे हैं, उन तक भी टैक्सी पहुंचने में 30 मिनट से अधिक का समय लग रहा है, क्योंकि कमाई कम हो जाने से कई ड्राइवरों ने यह काम छोड़ दिया है। एक समय में ड्राइवर की कमाई 300 युवान के ऊपर होती थी, जो अब घटकर 100 युवान रह गई है। ऑटोमोबाइल कंपनियों को उम्मीद है कि अगली तिमाही में कार की बिक्री सुधरेगी।

सर्वे: दो तिहाई निजी कार का विकल्प चुन रहे
कोराेना संक्रमण के दौर में ही फरवरी के अंत में चीन में एक सर्वे किया गया। इसमें 1620 लोगों से पूछा गया कि क्या वे अब दफ्तर या अन्य सार्वजनिक जगह पर आने-जाने के लिए अपने साधन में बदलाव करना चाहेंगे? इस पर दो तिहाई लोगों ने अपनी कार लेने का विकल्प चुना। जबकि पहले बस और सब-वे के बाद लोग अपनी कार तीसरी प्राथमिकता पर रखते थे। अब खुद की कार उनकी पहली प्राथमिकता बन गई है।

भय: टैक्सी में पहले कोई संक्रमित बैठा हो तो...
पार्किंग की समस्या के कारण कोरोना से पहले चीन में यातायात का सबसे प्रमुख साधन टैक्सी था। अब लोगों में इस बात का भय है कि न जाने टैक्सी में उनसे पहले किसी संक्रमित ने सवारी की हो। बीजिंग की 33 वर्षीय मरीसा ने बताया कि ऑफिस जाने के लिए अब वो टैक्सी का इस्तेमाल नहीं करती। जबकि पहले वे दीदी का एप अक्सर इस्तेमाल करती थीं। कोरोना के बाद इन्होंने टैक्सी का इस्तेमाल बंद कर दिया है।



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बीजिंग और शंघाई में भी आवाजाही के पीक टाइम पर सड़कें लगभग खाली हैं। इसका प्रमुख कारण भी टैक्सियों का इस्तेमाल लगभग खत्म हो जाना है। (फाइल फोटो)


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