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Saturday, April 18, 2020

अब तक दो लाख ने मांगे पास, मिले 5600 को, अधिकतर ने बिना किसी वजह के किया आवेदन

(भोला पांडेय)कोरोना के संक्रमण से बचाने के लिए लोगों को लॉकडाउन के दौरान घरों में रहने के लिए कहा जा रहा है। लेकिन लोग घरों में रहने के लिए तैयार नहीं हैं। वे किसी न किसी बहाने बाहर निकलने का तरीका खोज मूवमेंट पास के लिए प्रशासन के पास ऑनलाइन आवेदन कर रहे हैं। आवेदन भी एक-दो नहीं बल्कि रोज 1500 से 2000 आ रहे हैं। पास के लिए लोग सरल हरियाणा पोर्टल पर आवेदन कर रहे हैं। जब इन आवेदनों की जांच की जाती है तो अधिकांश सही नहीं पाए जा रहे हैं। इससे प्रशासन इन्हें कैंसिल कर दे रहा है। फरीदाबाद में मूवमेंट पास मांगने वालों की संख्या दो लाख तक पहुंच गई है। लेकिन अभी तक महज 5600 लोग ही मूवमेंट पास के लिए सही पाए गए हैं। प्रशासन ने साफ कहा है कि बगैर किसी उचित कारण के आवेदन करने वालों को पास जारी नहीं किया जाएगा।
28 मार्च से शुरू हुई थी मूवमेंट पास की व्यवस्था
सरकार ने 24 मार्च को लॉकडाउन की घोषणा की थी। 25 मार्च से शहर में लॉकडाउन लागू कर दि.या गया था। इस दौरान सिर्फ जरूरी सेवाओं के लिए ही आने-जाने की छूट मिली है। सरकार ने 28 मार्च से मूवमेंट पास जारी करने की व्यवस्था शुरू की ताकि जिन लोगों को मेडिकल इमरजेंसी है अथवा किसी के यहां मौत हो गई तो वह आ-जा सकें। इसके लिए सरकार ने सरल हरियाणा डॉट जीओवी डॉट इन पोर्टल लांच किया। इस पोर्टल पर मूवमेंट पास के लिए आवेदन करना होता है। इस पोर्टल में सरकारी कर्मचारी, पब्लिक और जरूरी सेवाओं के विकल्प दिए गए हैं। अन्य जानकारी और कागजात भी उपलब्ध कराने के बाद पास जारी किए जाते हैं।

औसतन रोज 1500 से 2000 आ रहे आवेदन

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार शुरू में मूवमेंट पास मांगने वाले आवेदनकर्ताओं की संख्या बहुत अधिक थी। लेकिन एक सप्ताह से रोज अब औसतन करीब 1500 से 2000 लोग पास के लिए आवेदन कर रहे हैं। जिन लोगों के आवेदन उचित पाए जाते हैं उन्हें ही पास जारी किए जाते हैं। जिन्होंने पास मांगने के लिए कोई उचित आधार का कागज अपलोड नहीं किया है उनके आवेदन कैंसिल किए जा रहे हैं। लोग दोबारा से भी आवेदन करने से बाज नहीं आ रहे हैं।

बच्चे फंसे हैं बाहर, बता रहे मेडिकल
इमरजेंसी| प्रशासनिक सूत्रों ने बताया कि करीब 60 फीसदी लोगों के बच्चे किसी न किसी शहर में फंसे हैं। उन्हें घर लाने के लिए मूवमेंट पास मांग रहे हैं। लेकिन आवेदन में इसे मेडिकल इमरजेंसी बता रहे हैं। पोर्टल पर जब मेडिकल इमरजेंसी से संबंधित कागजात अपलोड करने की मांग की जाती है तो उनके पास ऐसा कोई कागजात नहीं होता। करीब 30 से 35 फीसदी ही आवेदन में मेडिकल इमरजेंसी ठीक पाई जा रही है। ऐसे लोगांे को भी पास जारी किए जा रहे हैं जिनका इलाज डॉक्टरों से चल रहा है और इस लॉकडाउन में उनका एप्वाइंटमेंट भी है। यदि किसी के यहां मौत हुई है तो उन्हें भी पास जारी हो रहे हैं।

कुछ लोग तो पुराने कागजात से मांग रहे पास
सूत्रों ने बताया कि कई ऐसे भी आवेदन आ रहे हैं जिनमें आवेदनकर्ता मेडिकल इमरजेंसी में दो-तीन साल पुराने कागजात लगा रहे हैं। लेकिन जब उनसे वर्तमान की मेडिकल इमरजेंसी के कागजात उपलब्ध कराने के लिए कहा जाता है तो वे कागज उपलब्ध नहीं करा पाते। ऐसे लोगांे को पास जारी करने पर रोक है।



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So far, two lakhs have asked for the pass, 5600 have been received, most have applied without any reason


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