काेराेनावायरस ने प्रदर्शनकारियाें काे घर में समेटा; अप्रैल 2020 के पहले हफ्ते में दुनिया में 405 प्रदर्शन हुए, यह 2019 के इसी अंतराल के मुकाबले 60% कम - Latest news

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Thursday, April 23, 2020

काेराेनावायरस ने प्रदर्शनकारियाें काे घर में समेटा; अप्रैल 2020 के पहले हफ्ते में दुनिया में 405 प्रदर्शन हुए, यह 2019 के इसी अंतराल के मुकाबले 60% कम

हांगकांग की ऊंची-ऊंची इमारताें में अब न आंसू गैस के गाेले छाेड़े जा रहे हैं, न लेबनान के बेरूत में टेंट उखाड़े जा रहे हैं औरन ही दिल्ली का व्यस्ततम शाहीनबाग राेड अब बंद है।काेराेनावायरस ने दुनियाभर के प्रदर्शनकारियाें काे घर के भीतर समेट दिया है।दुनियाभर में 2019 प्रदर्शन का साल रहा। वर्षभर सरकाराें के खिलाफ मार्च निकाले गए। रैलियां हुईं और दंगे भड़के। इससे करीब 114 देश प्रभावित थे।

फिर इस साल काेराेनावायरस आया। सारी मांगाें और नाराजगियाें पर अकेला वायरस हावी हाे गया। इस साल अप्रैल के पहले हफ्ते में ही दुनियाभर में महज 405 प्रदर्शन हुए, जाे पिछले साल के इसी अंतराल के मुकाबले 60% कम है। हालांकि, आर्म्ड काॅनफ्लिक्ट लाेकेशन एंड इवेंट डेटा प्राेजेक्ट के मुताबिक, इनमें से भी अधिकतर काेराेनावायरस से जुड़े थे।

प्रदर्शनों कास्वरूप भी बदल गया

बड़ी बात यह रही कि ये सभी बहुत ही छाेटे रूप तक सिमट गए थे और छाेटे समूह में हुए या बालकनी से हुए या वाहनाें पर किए गए। यही नहीं इनका स्वरूप भी बदल गया। जैसे वाॅशिंगटन से पेरू और पेरिस तक जब लाेगाें की नाैकरी, घर और भाेजन पर संकट आया ताे वे लाॅकडाउन ताेड़कर सड़काें पर उतरे। हालांकि, अब उनका तरीका बदला हुआथा। वे साेशल डिस्टेंसिंग के साथ खड़े हुए और मास्क पहनकर मांगें रखीं।

खाली सड़काें पर भीड़ की फाेटाे

चिली के लाेगाें ने खाली सड़काें पर भीड़ की फाेटाे प्राेजेक्ट की। इस बीच, दुनिया के कई देशाें में पीड़ा या समर्थन देने के लिए बर्तन बजाए गए। ऐसे में दुनियाभर के प्रदर्शनकारियाें के पास एक बड़ा सवाल है कि क्या अब बड़े प्रदर्शनाें का स्वरूप बदल जाएगा। हालांकि, अभी किसी के पास इसका जवाब नहीं है। उनके मन में यह सवाल भी है कि यह महामारी कब तक चलेगी और सरकारें किस तरह प्रतिक्रिया करेंगी? यह जरूर है कि अब तक जैसा हाेता आया है, वैसा नहीं चलेगा।

काेलंबिया से इजरायल तक लाेगाें ने रचनात्मक तरीके निकाले

इस बीच, इसी हफ्ते पेरिस, पेरू, इराक और अमेरिका में लाॅकडाउन के खिलाफ पारंपरिक तरीके से आवाज उठाई, लेकिन अन्य ने रचनात्मक तरीका भी अपनाया। काेलंबिया में लाेगाें ने खिड़कियाें में लाल टीशर्ट लटकाकर भाेजन और अधिक वेतन देने की मांग की। हांगकांग में वीडियाे गेम एनिमल क्राॅसिंग प्रदर्शन का नया जरिया बना है। इसमें युवा वर्चुअल स्लाेगन शेयर करते हैं। इजरायल और पाेलैंड में हाल ही में लाेगाें ने साेशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए भ्रष्टाचार और गर्भपात काे लेकर लगाए गए प्रतिबंधाें का विराेध किया।



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हांगकांग में 2019 में प्रत्यर्पण कानून खत्म करने की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ कई महीनों तक आंदोलन चला। इस दौरान यहां लाखों लोग सड़कों पर आकर विरोध कर रहे थे।


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