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Saturday, April 25, 2020

लॉकडाउन में रोजगार छिना तो मनरेगा से श्रमिकों की लौटी मुस्कान, 12 पंचायतों ने शुरू कराया निर्माण

कोविड-19 वैश्विक महामारी के चलते लॉकडाउन का असर सबसे ज्यादा असर दिहाड़ी मजदूरों पर पड़ा है। उनका रोजगार पूरी तरह छिन चुका है, लेकिन मनरेगा ने मजदूरों के चेहरे पर एक बार फिर मुस्कान लौटाने का काम किया है। इस योजना के तहत श्रमिकों को रोजगार देने के उद्देश्य से पलवल की 12 ग्राम पंचायतों में कार्य शुरू कर दिया है। वहीं खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को मंडियों में गेहूं व सरसों की खरीद से जुड़े कार्यों के लिए भी मनरेगा के तहत पंजीकृत श्रमिकों की सूची सौंपी जा चुकी है। इन पंचायतों में 14 अलग-अलग परियोजनाओं 335 श्रमिकों ने काम करना आरंभ कर दिया है, जबकि अनाज मंडियों में भी 900 से अधिक मनरेगा श्रमिक काम करने के लिए आगे आए हैं, जिसके चलते लॉकडाउन में जरूरतमंदों को रोजगार के अवसर प्राप्त हो रहे हैं, वहीं ग्रामीण विकास को भी नई गति मिल रही है।
काम के साथ कोरोना से बचाव भी
जिले में मनरेगा के तहत जारी कार्यों में कोरोना वायरस से बचाव के लिए आवश्यक सुविधाओं का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। सरपंच व मेट के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि मजदूर कार्यस्थल पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें, मुंह को मास्क या कपड़े से ढककर रखें और अपने हाथ साबुन से धोएं। इसके अलावा, यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि मौके पर तंबाकू, बीड़ी या गुटखे का प्रयोग न हो। वहीं अनाज मंडियों में भी मार्केट कमेटी के अधिकारियों को भी श्रमिकों की सुविधा के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा चुके हैं।

श्रमिकों को रोजगार देने के लिए पंचायतों ने गांवों में तालाब खुदाई व पार्क का निर्माण शुरू करा दिया है

ग्रामीण क्षेत्रों में भी शुरू हुआ विकास कार्य
मनरेगा कार्यक्रम के तहत जिले के कलवाका व रहराना गांव में तालाब की खुदाई, रसूलपुर गांव में पार्क एवं व्यायामशाला का विकास, डाडका में रूरल कनेक्टिविटी का कार्य व फिरोजपुर राजपूत में व्यायामशाला में मिट्टी के भरत आदि का कार्य सुचारू रूप से शुरू हो चुका है। वहीं अन्य पंचायतों में भी लॉकडाउन के दौरान एक ओर जहां विकास परियोजनाएं जारी हैं, वहीं जरूरत के समय श्रमिकों को रोजगार के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि फसल खरीद आरंभ करने के लिए जब श्रमिकों की मांग आई तो 217 श्रमिकों ने काम करने की इच्छा जताई उसके उपरांत अन्य पंचायतों से भी 700 श्रमिक काम करने के लिए इच्छुक नजर आए, जिनकी सूची मंडी वाइज खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को उपलब्ध करा दी गई।

क्या कहते हैं मनरेगा से संबंधित अधिकारी
मनरेगा के तहत जुड़े सभी विभागों में कार्य होते हैं, हाल ही में ग्रामीण विकास से जुड़े विभागों में मनरेगा से संबंधित कार्यों को लेकर चर्चा हो चुकी है, जिसके तहत सिंचाई विभाग, पशुपालन, शिक्षा, मार्केटिंग बोर्ड एवं पीडब्ल्यूडी (बीएंडआर) आदि विभागों से मनरेगा के तहत होने वाले कार्यों की डिमांड मांगी जा चुकी है। इसके अलावा पशुपालन विभाग ने 19 वेटनरी अस्पताल व डिस्पेंसरी में मिट्टी भरत के कार्य मनरेगा के तहत कराने की सहमति भी दे दी है। इसी तरह वर्ष 2020-21 के दौरान ग्रामीण गरीब परिवारों के लिए मनरेगा स्कीम में व्यक्तिगत श्रेणी के तहत कैटल शेड बनाने की मुहिम के तहत 207 लाभार्थियों की पहचान की गई है।- कंवर सिंह, सीईओ परिषद एवं एसडीएम, पलवल

किन-किन पंचायतों में शुरू हुए हैं मनरेगा के तहत कार्य | जिले के पलवल खंड की चार पंचायतों रहराना, चांदपुर, असावटा व कारना, हसनपुर खंड की दो पंचायत रामगढ़ व गुलावड़, होडल खंड में डाडका ग्राम पंचायत, बड़ौली खंड में नंगलिया व रसूलपुर ग्राम पंचायत, पृथला खंड में कलवाका और हथीन खंड में फिरोजपुर राजपूत व सांपनकी में मनरेगा के तहत कार्य आरंभ हो चुके हैं।



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Employment lost in lockdown, workers returned from MNREGA, 12 panchayats started construction


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