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Monday, April 27, 2020

शहर का कोई भी बड़ा बाजार अभी नहीं खुलेगा, एनआईटी 1, 2, 3, 5 और ओल्ड फरीदाबाद की मार्केट रहेंगी बंद

दो दिन से दुकानों को खोलने को लेकर पैदा हुए कन्फ्यूजन को प्रशासन ने सोमवार को दूर कर दिया। जिले में बढ़ते मरीजों की संख्या को देखते हुए प्रशासन ने शहर के सभी बड़े बाजारों के खोलने पर रोक लगा दी है। केवल गलियों और कॉलोनियों में जरूरी सेवाओं की दुकानें ही खुलेंगी। इनमें दूध, फल, सब्जी, किराना, दवा, इलेक्ट्रॉनिक्स और बिल्डिंग मेटेरियल सप्लाई की दुकानें शामिल हैं। इसके अलावा कोई भी दुकान कॉलोनियों और गलियों में भी नहीं खुलेगी। जबकि शहर की बड़े बाजारों में दवा, फल, दूध, सब्जी और किराने की ही दुकानें खुलेंगी। यहां इलेक्ट्रानिक्स की भी दुकानें खोलने की अनुमति नहीं है। प्रशासन ने साफ किया कि कॉलोनी और गलियों में कहीं एक-दो दुकानें दूर-दूर हैं तो वे खोल सकते हैं। लेकिन एक साथ लाइन की दुकानों को खोलने के लिए लोगों को अभी इंतजार करना पड़ेगा।
गृह मंत्रालय के आदेश में क्या है
डीसी यशपाल यादव ने कहा कि गृह मंत्रालय ने जो गाइड लाइन जारी की है उसमें साफ कहा गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में मॉल और मार्केट कॉम्प्लेक्स अभी नहीं खुलेंगे। जबकि शहरी क्षेत्रों में रेजिडेंशियल सोसाइटी की दुकानें, कॉलोनी और गलियों की दुकानें खुलेंगी। इसके अलावा अन्य किसी प्रकार की दुकानें खोलने की अनुमति नहीं है। डीसी ने कहा कि लोग अभी थोड़ा इंतजार करें। जैसे-जैसे शहर के हालात ठीक होते जाएंगे, प्रशासन की ओर से रियायतें दी जाती रहेंगी। यदि एक साथ बाजार खुल जाएंगे तो हालात सामान्य नहीं हो सकेंगे।

शहर में एक भी बड़ा बाजार अभी नहीं खोला जाएगा
डीसी ने कहा दो दिन से व्यापारियों और शहरवासियों में मार्केट कॉम्प्लेक्स को लेकर कन्फ्यूजन था। इसे दूर करते हुए स्पष्ट किया गया कि शहर में कोई भी बड़ी मार्केट अभी नहीं खुलेंगी। खासकर एनआईटी एक नंबर, दो नंबर, तीन नंबर, पांच नंबर, डबुआ कॉलोनी, जवाहर कॉलोनी, ओल्ड फरीदाबाद, सराय आदि। क्योंकि सरकार की गाइड लाइन के अनुसार ये इलाके अभी दुकान खोलने की श्रेणी में नहीं हैं। यहां अभी थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अभी मोबाइल शाॅप और बाइक रिपेयर सेंटरों को भी खोलने की जरूरत नहीं है। सिर्फ जरूरत के सामान वाली दुकानें ही खुलेंगी।

अपनी इच्छा से दुकानें खोलने वालों पर होगी कार्रवाई: डीसी

डीसी यशपाल यादव ने साफ कहा कि कोई भी दुकानदार अपनी इच्छा अनुसार दुकान न खाेले। बड़े बाजारों में कोई दुकान अपनी मर्जी से खोलता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा मार्केट कॉम्प्लेक्स को लेकर किसी को कोई कन्फ्यूजन नहीं होना चाहिए। इसका तात्पर्य यह है कि जो बड़ी मार्केट हैं वहां दुकानें खोलने से अचानक भीड़ बढ़ सकती है। इसलिए यहां अभी रोक लगाई गई है। डीसी ने कहा कि इस समय गेहूं की कटाई और मड़ाई का समय चल रहा है। इसके बाद धान की बुआई भी होनी है। इसलिए सरकार ने किसानों के जरूरत के सामान की दुकानें खोलने का निर्णय लिया है। अर्थात ट्रैक्टर, थ्रेसर व इंजन आदि के पार्ट्स की दुकानें खुलेंगी।

हर वक्त लगाना पड़ेगा मास्क

डीसी ने कहा कॉलोनी और गलियों में जो भी दुकानदार दुकानें खोल रहे हैं उन्हें हर वक्त मास्क लगाना होगा। इसके अलावा ग्राहकों के लिए भी मास्क लगाना अनिवार्य है। तभी हम कोरोना संक्रमण को रोक पाएंगे। उन्होंने कहा कि कोराेना संक्रमण से हमारी लड़ाई अंतिम चरण में है। इसलिए अभी शहरवासियों को थोड़ा सब्र करना होगा। जबकि इतने दिन लॉकडाउन का पालन कर लिया तो कुछ दिन और इंतजार कर लें। मास्क लगाना लोग अपनी आदतों में डाल लें। क्योंकि अभी इसका पालन लंबे समय तक करना पड़ सकता है।

बल्लभगढ़ में अंबेडकर चौक के पास खुली रहीं दुकानें
प्रशासन ने कहा कि अभी बड़े बाजार नहीं खुलेंगे। लेकिन बल्लभगढ़ में अंबेडकर चौक के पास सभी इलेक्ट्रानिक्स और किताबों की दुकानें खुली रहीं। हैरानी की बात यह है कि चौक के पास सीरियल से बुक्स की तीन दुकानें हैं और तीनों खुली रहीं। ऐसे में सवाल यह है कि क्या इन दुकानों पर प्रशासन का आदेश लागू नहीं होता। या फिर आदेश का पालन कराने वाले लोग देखकर भी अनदेखी कर रहे हैं।

व्यापारियों का आरोप, तालमेल न होने से लोग परेशान
व्यापार मंडल के प्रधान जगदीश भाटिया ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों में आपसी तालमेल न होने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि तालमेल न होने से ही व्यापारी, दुकानदार और पब्लिक परेशान है। उन्होंने सीएम व केंद्रीय मंत्री से इस मामले में हस्तक्षेप की गुजारिश की है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों के बीच आपसी तालमेल न होने का खामियाजा फरीदाबाद के लाखों दुकानदारों को झेलना पड़ रहा है। अपनी मनमर्जी के कानून लागू कर नए-नए आदेश जारी करने से दुकानदार परेशान हैं। मगर इन व्यापारियों की पीड़ा सुनने वाला कोई नहीं है।

आरोप लगाया कि लॉकडाउन में हर रोज नए-नए आदेश जारी किए जा रहे हैं
व्यापार मंडल का यह भी आरोप लगाया कि लॉकडाउन में हर रोज नए-नए आदेश जारी किए जा रहे हैं। हर घंटे बाद अधिकारी अपने वीडियो व ऑडियो संदेश जारी कर फरीदाबाद के लोगों पर जबरन अपने आदेश थोप रहे हैं। व्यापारियों की परेशानी जाने बगैर अधिकारी अफसरशाही के नए नए नमूने दिखा रहे हैं। जिससे व्यापारी वर्ग परेशान है। भाटिया ने कहा कि पुलिस कमिश्नर ने शनिवार को एक ऑडियो संदेश जारी कर सभी डीसीपी, एसीपी व पुलिस अधिकारियों से कहा कि दुकानों को खोलने दिया जाए। किसी भी दुकानदार को तंग न किया जाए। पुलिस कमिश्नर के इस संदेश पर सभी पुलिस अधिकारियों ने तमाम दुकानें खोलने दीं।

पुलिस खुलवाती है प्रशासन बंद कराता है: भाटिया

भाटिया ने कहा इस तरह से दो बड़े अधिकारियों के अलग अलग संदेश आने से व्यापारियों को असमंजस में रहते हुए कितना नुकसान व परेशानी उठानी पड़ी। शायद इसका अंदाजा प्रशासन लगा नहीं सकता। पुलिस दुकान खुलवाती है और प्रशासन के अधिकारी दुकान बंद कराते हैं। रविवार सुबह से ही नगर निगम का अमला एनआईटी नंबर 1 से लेकर 5 तक में जबरन दुकानों को बंद कराने में लगा रहा। जबकि बल्लभगढ़ व ओल्ड फरीदाबाद में सभी दुकानें खुली रहीं। भाटिया ने कहा कि पहले पुलिस व प्रशासन के अधिकारी आपस में तय कर लें कि आखिर करना क्या है। उन्होंने कहा कहीं दुकानें खुल रही हैं और कहीं बंद हो रहीं। इससे साबित होता है कि अधिकारियों के बीच आपसी तालमेल का अभाव है।



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फरीदाबाद. बल्लभगढ़ आंबेडकर चौक पर खुली किताबों की दुकानें।


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